सोमवार, फ़रवरी 17, 2020

बलूचिस्तान ने आजादी के लिए भारत से मांगी मदद

Must Read

डोनाल्ड ट्रम्प के दौरे की तैयारियां भारतियों की ‘गुलाम मानसिकता’ को दर्शाता है: शिवसेना

शिवसेना (Shivsena) ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की बहुप्रतीक्षित यात्रा की चल रही...

“अरविंद केजरीवाल को कभी आतंकवादी नहीं कहा”: प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने कभी दिल्ली के...

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नें नागरिकता क़ानून के खिलाफ विरोध में लिया भाग

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने शुक्रवार को मांग की कि केंद्र देश में शांति और सद्भाव...

पाकिस्तान के बलूचिस्तान के लोगों ने भारत से सहायता की अपील की है। विश्व बलोच महिला फोरम ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार व सेना की तरफ से बलूचिस्तान के लोगों पर हिंसा व अत्याचार किए जा रहे है। जिस वजह से कई निर्दोष लोग मारे जा चुके है।

इसलिए बलोच नरसंहार को रोकने के लिए इन्होंने भारत से मदद की अपील की है। फोरम ने भारत से कहा है कि वो नैतिक जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए बलूचिस्तान में चल रहे नरसंहार को रोकने में आगे आकर अपनी भूमिका अदा करे।

बलोच शहीद दिवस के अवसर पर एक प्रोफेसर नायला बलोच ने पाकिस्तान की तरफ से किए जा रहे बलूचिस्तान नरसंहार को रोकने के लिए दुनिया भर के साथ ही मुख्य रूप से भारत से मदद की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रांत बलूचिस्तान में लोगों को काफी यातनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

बलोच लोगों पर किया जा रहा अत्याचार

यहां के लोगों के साथ बलात्कार, हत्या, मारपीट व अपहरण सहित कई अपराध किए जा रहे है। ये सब पाकिस्तानी सेना व आतंकियों की तरफ से किए जा रहे है।

जिस वजह से बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। बलूचिस्तान में आतंकवाद भी अपनी जड़े जमा चुका है। यहां के लोग चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर भी विरोध कर रहे है। क्योंकि ये प्रोजेक्ट यहां से भी गुजरेगा।

बलूचिस्तान के लोगों पर किए जा रहे अत्याचारों को रोकने के लिए बलोच नेता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की। विश्व बलोच महिला फोरम ने कहा कि भारत उपमहाद्वीप में सभी स्वतंत्र राज्यों का प्रमुख देश माना जाता है।

संयुक्त राष्ट्र से जांच आयोग की मांग की

इस दौरान विभाजन किए लोगों के शिकार होने पर भारत की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह बलूचिस्तान हिंसा के खिलाफ भी आगे आए। जिस प्रकार भारत ने बांग्लादेश की मदद की थी उसी तरह हमारी भी मदद करे। इसके अलावा इस्लामी सहयोग संगठन से भी ब्लूच के लोगों के उत्पीड़न के बारे में बताते हुए मदद की अपील की।

साथ ही संयुक्त राष्ट्र से एक जांच आयोग की स्थापना करने की गुजारिश की जो कि पाकिस्तानी सेना की तरफ से किए जा रहे अत्याचारों की जांच करे। इन्होंने कहा कि स्वतंत्र बलूचिस्तान युद्धग्रस्त अफगानिस्तान को स्थिर करने में मदद कर सकता है।

- Advertisement -
- Advertisement -

Latest News

डोनाल्ड ट्रम्प के दौरे की तैयारियां भारतियों की ‘गुलाम मानसिकता’ को दर्शाता है: शिवसेना

शिवसेना (Shivsena) ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की बहुप्रतीक्षित यात्रा की चल रही...

“अरविंद केजरीवाल को कभी आतंकवादी नहीं कहा”: प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने कभी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal)...

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नें नागरिकता क़ानून के खिलाफ विरोध में लिया भाग

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने शुक्रवार को मांग की कि केंद्र देश में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए संशोधित...

जम्मू कश्मीर मामले में भारत का तुर्की को जवाब; ‘आंतरिक मामलों में दखल ना दें’

भारत ने शुक्रवार को अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान जम्मू और कश्मीर पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन की टिप्पणियों का जवाब दिया...

शाहीन बाग़ के लोगों ने वैलेंटाइन डे पर प्रधानमंत्री मोदी को दिया न्योता

शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को उनके साथ वेलेंटाइन डे मनाने और आने का निमंत्रण...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -