पेटीएम ने किया दो स्टार्टअप्स का अधिग्रहण, लिटिल और नीयरबाय के साथ हुई डील

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पेटीएम में दो कंपनियों का विलय
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बातचीत के करीब तीन महीने बाद पेटीएम ने बेंगलुरू स्थित कंपनी लिटिल और गुरुग्राम स्थित कंपनी नीयरबॉय को अधिग्रहित कर लिया है। यानि देश की इस बड़ी डिजिटल वॉलेट कंपनी पेटीएम ने दो कंपनियों पर एक साथ कब्जा जमा ही लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेटीएम ने कहा है कि यह दो स्टार्टअप्स के विलय की व्यवस्था है और बहुसंख्य हिस्सेदारी के लिए एक रणनीतिक निवेश किया गया है।

पेटीएम के फाउंड और सीईओ विजय शेखर शर्मा के अनुसार, नीयरबॉय और लिटिल का विलय होना हमारी महत्वपूर्ण उपलब्धि है, ताकि डिजिटल पेमेंट के इस नए युग में हम छोटे तथा बड़े खुदरा विक्रेताओं को समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता को सुद्ढ़ कर सकें।

​कंपनी लिटिल

मनीष चोपड़ा और सतीश मणि ने कंपनी लिटिल की स्थापना की थी, यह कंपनी आॅनलाइन फैशन ब्रांड जोवी के साथ जुड़ी हुई है। लिटिल एक प्रकार से एप मार्केट है, जो 17 शहरों के 25 ​​हजार व्यापारियों से जुड़ी हुई हैै। यह कंपनी अपने कस्टमर्स को एफ एंड बी फिल्में, होटल्स बुकिंग, हैल्थ आदि से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराती है।

इस स्टार्टअप्स में पेटीएम, सैफ पार्टनर्स और टाइगर ग्लोबल ने 50 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।  हांलाकि पेटीएम ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि उसने लिटिल में एसएआईएफ़ और टाइगर की हिस्सेदारी भी खरीदी है।

कंपनी नीयरबाय

नीयरबाय को पूर्व में ग्रुपोन इंडिया के नाम से जाना जाता था। साल 2011 में सोसास्ता के अधिग्रहण के बाद मार्केट में ग्रुपोन इंडिया सामने आया। अंकुर वारिकू ने ग्रुपोन इंडिया का बतौर सीईओ पदभार संभाला।  अगस्त 2015 में ग्रुपोन इंडिया का नाम बदलकर नीयरबाय कर दिया गया। इस कंपनी में सेक्वाइया ने 17 मिलियन डॉलर का निवेश किया था।

पेटीएम अब केवल डिजिटल वॉलेट कंपनी नहीं रही

इन दो कंपनियों लिटिल और नीयरबाय के अधिग्रहण के साथ पेटीएम एक बड़ी व्यापारिक साझेदारी का लाभ उठाने के लिए तैयार दिख रही है। पेटीएम इन दो प्लेटफॉर्म से अपने सौदे बेचने की योजना बना रहा है। पेटीएम एक ​विशेष रणनीति के तहत व्यापारिक भागीदारों को सौदे करने की अनुमति देकर अपने कस्टमर्स की संख्या में इजाफा करेगा। इस अधिग्रहण से पेटीएम के डिजिटल पेमेंट्स सर्विस का विस्तार होना सुनिश्चित है।

पेटीएम ने हालिया महीनों में कई कंपनियों के साथ व्यापारिक साझेदारी की है। पेटीएम ने बुक मॉय शो को कड़ी टक्कर देने के लिए जुलाई महीने में इनसाइडर (insider.in) में 5.2 मिलियन डॉलर का निवेश किया। यही नहीं उसी महीने में पेटीएम ने मोबीक्वेस्ट के प्लेटफॉर्म एमलॉयल में भी निवेश किया।

आप को जानकारी के लिए बता दे कि सॉफ्टबैंक में 1.4 बिलियन डॉलर की फंडिंग करने के बाद वर्तमान में पेटीएम के पास कुल 9 अरब डॉलर की पूंजी है। अभी पिछले महीने में पेटीएम ने आईसीआईसीआई बैंक के साथ एक समझौता किया था जिसमें ग्राहकों को अल्पकालिक ऋण देने की व्यवस्था की गई है। इस समझौते के तहत आईसीआईसीआई बैंक अपने कस्टमर्स को बिना ब्याज के 20,000 रुपए तक लोन दे रहा है। लेकिन इस लोन की बाध्यता यह रखी है कि कस्टमर्स को पेटीएम के जरिए ही खरीददारी करनी होगी।