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    पाकिस्तान आतंकवादी

    पाकिस्तान का खूंखार आतंकी व जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को जब से पाकिस्तान ने रिहा किया है, अंतरराष्ट्रीय संगठनों सहित कई देश इसका विरोध जता रहे है। भारत सहित अमेरिका भी हाफिज की रिहाई पर गुस्सा है।

    पहले अमेरिकी विशेषज्ञों ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की रिहाई की निंदा करते हुए कहा था कि पाकिस्तान का प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा रद्द कर दिया जाना चाहिए।

    अब प्रतिष्ठित अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑफ विदेश संबंध के अध्यक्ष रिचर्ड हास ने कहा कि पाकिस्तान कभी गैर-नाटो सहयोगी रहा ही नहीं है। रिचर्ड ने इसे रहस्य बताते हुए कहा कि पाकिस्तान हमेशा से ही आतंकवाद का समर्थन करता आ रहा है, इसलिए वो गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा प्राप्त देश रहा ही नहीं है। इसे अब तक गैर-नाटो सहयोगी माना जाता गलत है।

    रिचर्ड हास ने कहा कि पाकिस्तान ने वर्षों तक आतंकवादियों को सहारा व समर्थन दिया है। तालिबान जैसे आतंकी संगठनों को अपने देश में सुरक्षा भी उपलब्ध करवाता है। वहीं पाकिस्तान अपनी जमीन से ही आतंकवाद को पनाह देता है।

    शीर्ष अमेरिकी आतंकवाद और दक्षिण एशियाई विशेषज्ञों ने भी 26/11 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के रिहाई पर नाराजगी जताते हुए पाकिस्तान को आडे़ हाथों लिया है।

    पाकिस्तान का आतंकवाद पर दोहरा मापदंड

    दरअसल पाकिस्तान हमेशा से ही आतंकवाद पर दोहरीकरण की नीति अपनाता रहा है। पाकिस्तान दुनिया के कई देशों को कहता है कि वो अपने देश में आतंकवादी ढ़ांचे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    पाकिस्तान एक तरफ तो खुद को आतंकवाद का विरोध करने वाला बता रहा है वहीं दूसरी तरफ वैश्विक समुदाय का आंखों में धूल झोंक रहा है। हाफिज सईद की रिहाई के आदेश दिखाते हैं कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को किस तरह से बेवकूफ बना रहा है।