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    नोटबंदी

    भारतीय रिज़र्व बैंक के मुताबिक पिछले साल हुई नोटबंदी के बाद से करीबन 99 फीसदी पुराने नोट 31 मार्च तक वापस आ गए हैं। पिछले साल 8 नवंबर को नरेंद्र मोदी नोटबंदी की घोषणा की थी।

    आंकड़ों के मुताबिक नोटबंदी के समय 6.86 लाख करोड़ रूपए के बराबर 1000 रूपए के नोट बाज़ार में थे। 31 मार्च को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक उस समय 8925 करोड़ रूपए के 1000 रूपए के नोट ही बाजार में थे। ऐसे में आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 1 प्रतिशत 1000 रूपए के नोट ही जमा नहीं कराये गए थे। इस रिपोर्ट से उन बातों का भी खंडन हुआ जिनमे यह कहा गया था कि बड़ी मात्रा में नोट वापस नहीं आये हैं।

    अगर 500 रूपए के नोटों की बात करें तो चूँकि नोटबंदी के तुरंत बाद नए 500 के नोट जारी कर दिए गए थे, ऐसे में 1000 रूपए के नोटों की तरह इनपर पुष्टि नहीं की जा सकती है। जाहिर है नोटबंदी के दौरान बंद हुए नोटों में तक़रीबन 65 फीसदी नोट 500 रूपए के थे। ऐसे में पुराने 500 के नोटों की वापसी पर रिज़र्व बैंक ने अभी तक कोई पुष्टि नहीं की है। इस कारन 1000 रूपए के पुराने नोटों की वापसी को देखते हुए यह अनुमान लगाना सही होगा कि करीबन 99 प्रतिशत नोट वापस आ गए हैं।

    इस रिपोर्ट के बाद सिर्फ दो ही अनुमान लगाए जा सकते हैं। पहली यह कि देश में बड़ी मात्रा में काला धन नहीं था। और दूसरा यह कि काला धन जमा किये लोगों ने बड़ी चालाकी से काले धन को सफ़ेद करवा लिया। जिन लोगों ने नोटों को सफ़ेद करवाया है उनपर अब आयकर विभाग का खतरा है। इसके आलावा जब 500 रूपए के नोटों की रिपोर्ट आएगी, तभी इस बात पर पूरी तरह से चर्चा की जायेगी।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।