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    नीलेकणि दंपत्ति और ‘द गिविंग प्लेज

    अगस्त 2010 में संस्था ‘द गिविंग प्लेज’ की शुरूआत की गई। इस संस्था से अब तक 21 देशों के 171 दानकर्ता जुड़ चुके हैं। इन 21 देशों में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, साइप्रस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इज़राइल, मलेशिया, मोनाको, नॉर्वे, रूस, सऊदी अरब, स्लोवेनिया, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, तुर्की, यूक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका का नाम शामिल है।

    इस अभियान की शुरूआत बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स तथा वॉरेन बफेट ने की। ‘द गिविंग प्लेज’ से डेविड रॉकफेलर, अजीज प्रेमजी, रिचर्ड ब्रानसन, एलोन मास्क, टिम कुक, सारा ब्लेकॉली और किरण मजूमदार जैसे बड़े नाम भी जुड़ चुके हैं। फोर्ब्स के मुताबिक 1.7 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक और इन्फोसिस के सह-संस्थापक नीलेकणि दंपत्ति भी ‘द गिविंग प्लेज’ में शामिल हो चुके हैं।

    ‘द गिविंग प्लेज’ में शामिल होने की प्रतिबद्धता के अनुसार यह दुनिया के अमीर लोगों का एक ऐसा नेटवर्क है,जिसकी संपत्ति कम के कम एक अरब डॉलर के बराबर हो और वो परमार्थ कार्यों के लिए अपनी संपत्ति का आधा हिस्सा दान देने के ​लिए तैयार हो। इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने बयान दिया है कि हम बिल गेट्स, मेलिंडा गेट्स तथा वॉरेन बफेट की संस्था ‘द गिविंग प्लेज’ से पूरी तरह प्रभावित हैं,जिसके जरिए हमें दूसरों की मदद के लिए प्रेरणा मिली।

    नीलेकणि दंपत्ति ‘द गिविंग प्लेज’ से जुड़ने वाले चौथे दंपत्ति हैं। नीलेकणि दंपत्ति के ‘द गिविंग प्लेज’ से जुड़ने के बाद बिल गेट्स ने आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि, मुझे नंदन और उनकी पत्नी रोहिणी नीलेकणि के परमार्थकार्य के लिए ‘द गिविंग प्लेज’ से जुड़ने पर बहुत ज्यादा खुशी हो रही है।

    गौरतलब है कि ‘द गिविंग प्लेज’ की वेबसाइट पर नीलेकणि दंपत्ति ने हस्ताक्षरयुक्त पत्र डाला है। इस साइट के माध्यम से बिल गेट्स ने भी ‘द गिविंग प्लेज’ से जुड़ने पर आभार जताया है।

    नीलेकणि दंपत्ति और बिलगेट्स

    नीलेकणि दंपत्ति ने क्यों दान की संपत्ति?

    इन्फोसिस के सह संस्थापक नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहिणी का कहना है ​कि दौलत कमाने के बाद इसका इस्तेमाल अच्छे कार्यों में करना चाहिए। अन्यथा इतनी ज्यादा दौलन कमाने के लिए इजाजत ही क्यों दी जानी चाहिए। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपनी संपत्ति का इस्तेमाल कुछ परमार्थ कार्यों के लिए भी करें।

    आप को जानकारी के लिए बता दें कि साल 2013 में इन्फोसिस के शेयरों की बिक्री से पहले खेप में हासिल करीब 100 करोड़ रूपए को नंदन की पत्नी रोहिणी ने पीने के साफ पानी के लिए खर्च किए थे। रोहिणी नीलेकणि अर्घ्यम नाम की एक संस्था चलाती हैं। वे अब तक 150 करोड़ रूपए से भी ज्यादा दान कर चुकी हैं।

    रोहिणी कहती है पति नंदन के विचार उनसे बिल्कुल अलग हैं,लेकिन हम एक पॉलिसी के तहत काम करते हैं। ​हम दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए एजुकेशन,गवर्नेंस, अर्बन एरिया तथा पानी, पर्यावरण, मीडिया राइट्स, ह्यूमन राइट्स आदि पर भी काम करते हैं।

    नन्दन नीलेकणि की कुल संपत्ति

    साल 2006-07 में बतौर इन्फोसिस सीईओ और एमडी अपने पहले कार्यकाल में नंदन नीलेकणि की वार्षिक सैलरी 51.35 लाख रुपए थी। जबकि वित्तीय वर्ष 2016-17 के मुताबिक निलेकणि का वार्षिक वेतन 1.92 करोड़ रुपए था। दुनिया की प्रतिष्ठित पत्रिका फोर्ब्स के मुताबिक, वर्तमान में नंदन नीलेकणि के पास 11,000 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

    खबर के मुताबिक नन्दन ने अपनी कुल 11000 करोड़ रूपए की संपत्ति में से आधी संपत्ति यानी 5500 करोड़ रूपए दान कर दिए हैं।