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दोबारा डोकलाम विवाद रोकने के लिए भारत-चीन के एनएसए के बीच होगी मुलाकात

डोकलाम भारत चीन
चीन सैन्य मामलों से संबंधित चीनी ब्लॉग ने दावा किया है कि चीनी सैनिकों की डोकलाम क्षेत्र में स्थायी रूप से उपस्थिति कड़ी कर दी गई है।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के सरकारी काउंसलर यांग जेची के बीच  22 दिसंबर को नई दिल्ली में सीमा पर 20वें दौर की वार्ता होनी है। डोकलाम गतिरोध खत्म होने के बाद दोनों देशों के एनएसए के बीच में नई दिल्ली में ये पहली उच्चस्तरीय वार्ता होगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच में सीमा विवाद सहित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों की प्रमुख समस्याओं पर बातचीत की जा सकती है।

इससे पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी कुछ दिनों पहले भारत की यात्रा पर आए थे। जिसका मुख्य उद्देश्य भारत व चीन के बीच एक और डोकलाम विवाद को होने से रोकना था। चीन की सेना से संबंधित चीनी ब्लॉग का कहना है कि विवादित डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच भविष्य मे कोई गतिरोध न हो और सीमा सुरक्षा पर शांति बनी रहे, इसलिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत यात्रा के दौरान ये संदेश दिया था।

चीन सैन्य मामलों के ब्लॉग ने की डोकलाम पर टिप्पणी

चीन सैन्य मामलों से संबंधित चीनी ब्लॉग ने अपने पोस्ट में दावा किया है कि चीनी सैनिकों की डोकलाम क्षेत्र में स्थायी रूप से उपस्थिति कड़ी कर दी गई है, जहां पर 70 से अधिक दिनों तक चीनी व भारतीय सेना गर्मी के मौसम में आमने-सामने हो गई थी। अब सर्दियों के मौसम में भी चीनी सैनिकों ने डोकलाम क्षेत्र के पास रहने की व्यवस्था कर रखी है।

चीनी ब्लॉग के अनुसार वांग यी की भारत यात्रा के दौरान वे चाहते थे कि डोकलाम को लेकर भारत कोई समस्या पैदा न करे और द्विपक्षीय संबंधों को खराब न करे। दोनों देशों के बीच दोबारा इसे लेकर टकराव नहीं होना चाहिए। इस ब्लॉग से पता चलता है कि चीन डोकलाम क्षेत्र में चीनी सैन्य सुधारों के साथ बुनियादी ढ़ाचे का निर्माण कर रहा है।

चीनी पोस्ट में बताया गया है कि तिब्बत में चीन ने 20,000 से 30,000 सैनिक तैनात कर रखे है। गौरतलब है कि भारतीय मीडिया ने भी कहा था कि सिक्किम,  भूटान,  तिब्बत सीमा क्षेत्र में लगभग 1600-1800 सैनिक तैनात किए गए है।

चीन द्वारा सड़क निर्माण बेहद जरूरी

चीनी ब्लॉग ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा है कि डोकलाम क्षेत्र में चीन द्वारा सड़क निर्माण काफी जरूरी है। आगे कहा कि “यह सड़क सिर्फ सैन्य आपूर्ति के लिए नहीं बल्कि चीनी और भूटानी लोगों के लिए आवागमन का मार्ग भी बनेगी। जिससे भविष्य में भूटान के लोगों को भारत के माध्यम से दुनिया से जुड़ने की जरूरत नहीं होगी।“

चीनी ब्लॉग ने लिखा है कि हम यदोंग काउंटी (तिब्बत) में एक हवाई अड्डा व रेलवे स्टेशन बनाएंगे ताकि भारत के मुकाबले यात्रा करने के लिए ये अधिक सुविधाजनक होगा।

चीनी ब्लॉग ने भारत की तरफ से चीनी क्षेत्र में तकनीकी खामी से घुसे हवाई ड्रोन के बारे में कहा कि भारत डोकलाम में चीनी सैनिको की उपस्थिति से चिंतित है इसलिए ही वो आगे भी ड्रोन को भेज सकता है। चीनी ब्लॉग ने कहा है कि चीन डोकलाम में वापिस से सड़क का निर्माण शुरू करेगा और क्या फिर भारत चीन को सड़क निर्माण से रोक पाएगा?

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