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ट्रिपल तलाक: शबाना ने दिया मुस्लिम महिलाओं को यह पैगाम

शबाना आज़मी
शबाना ने ट्वीट करके लिखा 'मैं सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णेय का तेह दिल से स्वागत करती हूँ। यह एक जीत का पैगाम है उन सब बहादुर मुस्लिम वर्ग की महिलाओं के लिए जो सालों से इस जंग को लड़ रही है।'

अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानो में सालों से चल रही ‘ट्रिपल तलाक‘ की प्रथा पर रोक लगा दी। कोर्ट का यह फैसला सुन देशभर की मुस्लिम वर्ग की महिलाओं की ख़ुशी सिरचढ़ के बोल रही थी। बॉलीवुड की हस्तियों ने भी कोर्ट के इस निर्णेय की दिल खोल कर प्रशंसा की। शबाना आज़मी ने भी अपने ही अंदाज़ में इस फैसले को कुछ इस तरह सराहा।

शबाना ने ट्वीट करके लिखा ‘मैं सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णेय का तहे दिल से स्वागत करती हूँ। यह एक जीत का पैगाम है उन सब बहादुर मुस्लिम वर्ग की महिलाओं के लिए जो सालों से इस जंग को लड़ रही है।’

सुप्रीम कोर्ट ने ‘ट्रिपल तलाक’ के मुद्दे पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय की ट्रिपल तलाक की परंपरा असंवैधानिक, एकतरफा और इस्लाम धर्म का हिस्सा भी नहीं है।

शबाना एक अभिनेत्री होने के बाद समाज सेवक का भी किरदार वास्तविक जीवन में निभाती है। वह विभिन्न क्षेत्रों में लोगो की मदद करने के साथ बेसहारा लोगों को न्याय भी दिलाती आयी है।

सर्वोच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर कार्यवाही शायरा बानो, आफरीं रहमान, गुलशन परवीन, इशरत जहां और अतिया साबरी की याचिका के उपरान्त प्रारंभ की। इन महिलाओं ने ट्रिपल तलाक के अतिरिक्त निकाह, हलाला और बहुविवाह पर भी याचिका दर्ज की थी। पर, कोर्ट ने अपने कथिए के अनुसार मात्र ट्रिपल तलाक पर ही सुनवाई दी। इस याचिका के बाद ही देश में ट्रिपल तलाक की प्रथा को खारिज करने का अभियान शुरू हो गया था।

अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने इस मुहीम पर कहा कि एक क्रांति तो शुरू हो चुकी है जहां महिलाएं आगे आ कर अपने कर्तव्य की पालना कर रही है। यह मामला काफी पेचीदा है। उनका यह भी कहना है कि उनके हिसाब से मुस्लिम समुदाय को पहल करके कोई निर्णेय लेना चाहिए। उनके अनुसार परिवर्तन यदि मुस्लिम समुदाय के भीतर आये तो ही बेहतर रहेगा।

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