Sat. Jun 15th, 2024
    जनार्दन रेड्डी

    रविवार को बेंगलुरू में कथित रिश्वत मामले में पूछताछ के घंटों बाद बल्लारी माइनिंग बैरन और कर्नाटक के पूर्व मंत्री गली जनार्दन रेड्डी को उनके एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया गया था। रेड्डी को 24 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

    बेंगलुरु पुलिस के केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) के एडिशनल कमिसनर आलोक कुमार ने कहा कि हमने विश्वसनीय सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला लिया है।

    रेड्डी के खिलाफ रिश्वत का मामला एक पोंजी घोटाले के आरोपी सैयद अहमद फारेद से संबंधित है, जिसने आरोप लगाया है कि रेड्डी ने अपनी फर्म अंबिडेंट मार्केटिंग के माध्यम से 600 करोड़ रुपये के करीब 15,000 लोगों को धोखा दिया है।

    पुलिस सूत्रों ने पुष्टि करते हुए कहा कि रेड्डी करीब 2:30 बजे पुलिस के सामने पेश हुए उसके बाद बेंगलुरू पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा ने शनिवार को करीब 4 बजे रेड्डी से पूछताछ की थी।

    उनके सचिव अली खान भी गिरफ्तार किए गए हैं। रेड्डी को चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया और मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है। उन्हें 24 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन्हें “परप्पाना अग्रहर केंद्रीय जेल” में ले जाया जाएगा। रेड्डी के वकीलों ने जमानत आवेदन के साथ मजिस्ट्रेट से संपर्क किया लेकिन रविवार होने की छुट्टी होने की वजह से इस मामले की सुनवाई सोमवार को होगी।

    शनिवार को जारी वीडियो की एक श्रृंखला में, रेड्डी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए पुलिस पर “झूठी सूचना फैलाने” का आरोप लगाया।

    पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा की रेड्डी बिना किसी सुचना के फरार थे, रेड्डी ने कहा की वह पूरे समय बेंगलुरु में ही थे।

    एचटी से बात करते हुए रेड्डी के वकील सुनील कुमार ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी के बारे में सूचित किया गया था। साथ ही, कुमार ने कहा कि हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि क्या होता है क्योंकि आज छुट्टी है। एक बार स्थिति स्पष्ट होने के बाद हम जमानत के लिए आवेदन करेंगे।

    रेड्डी बल्लारी सीट से एक मजबूत उम्मीदवार है, लेकिन रेड्डी ने मई में कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भाजपा द्वारा टिकट से इनकार कर दिया था, इसके बावजूद भी उन्होंने अपने दो भाइयों, गली करुणकर रेड्डी और गली सोमाशेखर रेड्डी और उनके सहयोगी श्रीरामुलु के लिए प्रचार किया, जिन्होंने बल्लारी से चुनाव जीता था।

    हालांकि, श्रीरामूलु ने बल्लारी लोकसभा सांसद के रूप में इस्तीफा दे दिया।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *