दा इंडियन वायर » समाचार » क्या खाना है, क्या नहीं खाना है ये हमारी परम्पर नहीं है: पीएम मोदी
समाचार

क्या खाना है, क्या नहीं खाना है ये हमारी परम्पर नहीं है: पीएम मोदी

प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन से देश के युवाओ को सम्बोधित किया। उन्होंने युवाओ को विवेकानंद की शिक्षाओं के बारे में जानकारी दी।

स्वामी विवेकानंद द्वारा दी गयी शिकागो में दी गई ऐतिहासिक स्पीच को आज 125 साल पुरे हो गए है। इस मौके पर प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन से पुरे देश के युवाओ को सम्बोधित किया। जिसमें उन्होंने युवाओ को विवेकानंद की शिक्षाओं के बारे में जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विवेकानंद कहते थे कि जनसेवा ही प्रभुसेवा है। आगे उन्होंने कहा कि उस समय के समाज की कल्पना कीजिये जब समाज में पूजा पाठ और परम्पराओ की पैठ थी। ऐसे समय में 30 साल का नौजवान कह दे कि मंदिर में बैठने से भगवान् नहीं मिलने वाला,समाज सेवा करने से भगवान् मिलेगा।

 

गाँधी और विवेकानंद दोनों ने सत्य की खोज की थी

आगे प्रधानमंत्री ने कहा कि विवेकानंद कभी जीवन में गुरु की खोज के लिए नहीं गए, वे सत्य की तलाश में थे। महात्मा गाँधी भी जीवनभर सत्य की तलाश में जुटे थे।

 

रामकृष्ण मिशन आज भी चल रहा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम महिलाओ का सम्मान करते है? क्या लड़कियों के प्रति आदरभाव से देखते है, जो देखते है उन्हें में सौ बार नमन करता हूँ। वह केवल उपदेश देने वाले नहीं थे उन्होंने आईडिया को भी क्रियान्वित किया। जिस भाव से रामकृष्ण मिशन का जन्म हुआ था, आज भी वह उसी भाव से चल रहा है।

 

सफाई करने वालो को वन्दे मातरम बोलने का हक़

पीएम मोदी ने कहा कि आज हम सफाई करे न करे परन्तु हमें गंदगी करने का कोई अधिकार नहीं है। एक बार मैने बोला था कि देवालय से पहले शौचालय, उसपर लोगों ने मेरे बाल नोंच लिए थे। आज कई बेटिया है देश में जो कहती है, शौचालय नहीं है तो शादी नहीं करेंगे। मोदी ने आगे कहा कि जो लोग पान खाकर भारत माँ पर पिचकारी मारते है, और फिर वन्देमातरम कहते है। आज सफाई का काम करने वालों को ही वन्दे मातरम कहने का हक़ है।

 

टैगोर ने बांग्लादेश और श्रीलंका का राष्ट्रगान लिखा गर्व होता है: पीएम मोदी

पीएम ने कहा कि क्या कभी दुनिया में किसी ने सोचा कि किसी लेक्चर के 125 वर्ष मनाये जायेंगे? मुझे गर्व होता है जब में किसी से कहता हूँ कि मेरे देश के रबिन्द्र नाथ टैगोर ने पडोसी देश श्रीलंका और बांग्लादेश के लिए राष्ट्रगान लिखा है।

 

मान्यता और खाने-पीने पर भी कहा पीएम मोदी ने

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पुराने समय में मान्यताये कितनी भी बड़ी होगी, लेकिन आज के समय में अगर सही नहीं है तो उसे छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि आज लोग मेक इन इंडिया का विरोध करते है, लेकिन विवेकानंद जी और जमशेदजी टाटा के बीचभारत में उद्योग लाने को संवाद हुआ था। क्या खाना है, क्या नहीं खाना है ये हमारी परम्परा नहीं है।

 

रोज डे का विरोधी नहीं हूँ : पीएम मोदी

कॉलेज में स्टूडेंट रोज डे मनाते है, कुछ लोग इसका विरोध करते है। पर में इसका विरोधी नहीं हूँ। केरल पंजाब दिवस मनाये और पंजाब केरल दिवस मनाये। विविधता ही हमारे देश की पहचान है।

फेसबुक पर दा इंडियन वायर से जुड़िये!