सोमवार, अक्टूबर 14, 2019

क्या डोकलाम के बाद अरुणाचल में भारत-चीनी सेनायें होंगी आमने-सामने?

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पंकज सिंह चौहान
पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद काफी सालों से चलता आ रहा है। 1962 के युद्ध के बाद यह समझा जा रहा था कि अंतराष्ट्रीय सीमा पर स्थाई समझौता हो सकेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद कई बार चीन सेना नें भारत में घुसपैठ करने की कोशिश की, जिसे भारत नें नाकाम कर दिया था।

अगस्त 2017 में भूटान के डोकलाम इलाके में भारत और चीन की सेनायें कई दिनों तक आमने-सामने रही थी, जिसके बाद शान्ति से इस विवाद को सुलझाया गया था। अब हालाँकि चीन अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की योजना बना रहा है। (सम्बंधित: भारत चीन सम्बन्ध)

हालिया रिपोर्ट के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश में कुछ चीनी मजदूर निर्माण कार्य के लिए भारत की सीमा में घुस आये थे, जिसके बाद उन्हें वापस भेज दिया गया था। भारतीय सेना की ओर से आई रिपोर्ट के मुताबिक चीन अब अरुणाचल से सटी सीमा पर स्थाई बंकर बनाना चाहता है। पहले जहाँ चीन सीमा पर अस्थाई बंकर बनाता था, अब वह स्थाई बंकर बना रहा है। इससे यह भी प्रतीत हो रहा है कि अरुणाचल को लेकर चीन काफी गंभीर है और उसकी रणनीति में वह अब बदलाव कर रहा है।

आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश पर चीन अपना हक जमाता है। जहाँ भारत पूरी तरह से इसे अपना राज्य बताता है, चीन इसे विवादित इलाका मानता है। चीन अरुणाचल को दक्षिणी तिब्बत मानता है। दरअसल तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का जन्म अरुणाचल के तवांग में हुआ था, जिसकी वजह से चीन इसे तिब्बत का हिस्सा मानता है। चीन का कहना है कि यदि भारत उसे पूरा अरुणाचल प्रदेश नहीं देता है, तो कम से कम तवांग ही उसे दिया जाना चाहिए। हालाँकि भारत इस बात से पूरी तरह से असहमत है।

क्या सुलझेगा विवाद?

भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों का मानना था कि सभी सीमा विवादों को शान्ति से सुलझाया जाए। इसके लिए भारत की ओर से राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल बीजिंग भी गए थे। इसके बाद चीनी विदेश मंत्रालय के कुछ अधिकारी हाल ही में नई दिल्ली आये थे। इस दौरान यह बात हुई थी कि सभी सीमा विवादों पर बातचीत होगी।

अजित डोभाल का चीन दौरा

हालाँकि चीन का रवैया अभी भी पहले जैसा ही है। डोकलाम के बाद चीन नें अरुणाचल के हिस्सों में सीमा उल्लंघन शुरू कर दिया है। शी जिनपिंग के फिर से राष्ट्रपति बनने के बाद से सीमा विवाद को लेकर चीन ओर सतर्क हो गया है। चीनी सेना नें अपनी रणनीति में भी बदलाव कर लिया है।

पहले भारत से सटी सीमा पर चीन के सैनिक हर समय तैनात नहीं रहते थे, लेकिन अब सेना नें वहां रहने के लिए बंकर बना लिए हैं। सेना विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले समय में पाकिस्तान सीमा की तरह ही चीन सीमा पर भी भारत को लगातार घुसपैठ आदि से चौकन्ना रहना होगा।

भारतीय सरकार नें हालाँकि इस स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। कुछ समय पहले ही सरकार नें चीन से सटी सीमा पर रोड बनाने को मंजूरी दी थी। इसके अलावा अब सरकार तिब्बत से सटी सीमा पर भारतीय सैनिकों के लिए ऐसे बंकर बना रही है, जो पूरी तरह से तापमान नियंत्रित होंगे। इसका मतलब -45 डिग्री के तापमान में भी बंकर के भीतर 20-25 डिग्री का तापमान होगा। ऐसे में सैनिकों के लिए तैनाती करना आसान होगा।

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