वेनेजुएला की जनता ज्यादा वक्त तक मादुरो को बर्दाश्त नहीं करेगी: माइक पोम्पिओ

निकोलस मादुरो

अमेरिका के राज्य सचिव माइक पोम्पिओ ने कहा कि “मुझे नहीं लगता कि वेनेजुएला की जनता निकोलस मादुरो को ज्यादा समय तक बर्दाश्त कर पाएगी। निकोलस मादुरो के द्वारा गढ़ी गयी तबाही, मानवीय हालातो को संकटग्रस्त करने और रुसी सेना को देश में हस्तक्षेप करने की अनुमति देना, यह वही कारण है जो वेनेजुएला की युवा जिंदगियों को बर्बाद कर रही है।”

माइक पोम्पिओ चार दक्षिणी अमेरिकी राष्ट्रों की यात्रा के अंतिम दिन में हैं। चिली, पैराग्वे, पेरू और कोलंबिया में वेनेजुएला के राजनीतिक और आर्थिक हालात ही बातचीत के दौरान महत्वपूर्ण मसलों में से एक थे। उन्होंने कहा कि “यह ऐसा नहीं है जो बीते महीनो या हफ़्तों में हुआ हो। यह तबाही क्यूबा, रूस और मादुरो कई सालो से मचा रहे थे। मुझे उम्मीद है कि मैं जल्द ही इस निष्कर्ष पर पंहुच जाऊंगा।”

उन्होंने कहा कि “जब वेनेजुएला में अमेरिकी दखलंदाज़ी की बात आएगी तो सभी विकल्प खुले होंगे। हालाँकि ट्रम्प प्रशासन ने नहीं कहा कि किन हालातो में वह सैन्य कार्रवाई का इस्तेमाल करेगा। वेनेजुएला के अधिकारीयों और तेल क्षेत्र पर अमेरिका ने पहले ही प्रतिबन्ध लागू कर रखे हैं।

माइक पोम्पिओ कोलंबिया में ठहरे, जिसकी बॉर्डर सिटी को वेनेजुएला से एक ब्रिज अलग करता है। अमेरिकी भोजन, दवाइयां और अन्य राहत सामग्री टनो में बॉर्डर सिटी के वेयरहाउस पर रखा है और वेनेजुएला में प्रवेश का इन्तजार कर रहा है। मादुरो ने देश में अमेरिकी सहायता लेने से इंकार कर दिया था और आरोप लगाया कि इसके जरिये अमेरिका देश में प्रवेश करना चाहता है।

माइक पोम्पिओ ने कहा कि “अमेरिकी प्रशासन मध्य और दक्षिण अमेरिका के साथ गहन जुड़ाव चाहता है ताकि क्षेत्र में महान लोकतंत्र, मुक्त बाज़ारी अर्थव्यवस्थाएं और पारदर्शिता हमेशा बरक़रार रहे। लैटिन अमेरिका में कई वर्षो तक कई कम्युनिस्ट देश रहे थे और यह बदलाव ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। कम्युनिज्म विचारधारा को दक्षिणी अमेरिकी देशों अस्वीकार कर दिया था।”

अमेरिकी राज्य सचिव ने चीनी प्राइवेट इंटेप्रिसेस द्वारा लैटिन अमेरिका में उत्पाद और सुविधाओं को लाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि “लैटिन अमेरिकी देशों को सचेत रहना होगा क्योंकि चीनी कंपनियां नुकसान पंहुचाने के लिए भी आ सकती है।”

अमेरिका ने हुआवेई सहित कई चीनी कंप्यूटर और टेलीकम्यूनिकेशन कंपनियों पर जासूसी का आरोप लगाया है। माइक पोम्पिओ ने कहा कि “अगर देश चीनी तकनीक का इस्तेमाल करेगा तो उसकी सारी सूचना राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीनी सेना के हाथो में होगी।”

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