वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में अमेरिका ने दोबारा थोपे प्रतिबन्ध

अमेरिकी ध्वज

अमेरिका ने शुक्रवार को वेनेजुएला के तेल सेक्टर के खिलाफ नए प्रतिबन्ध लागू कर दिए हैं। लैटिन अमेरिकी देश मानवीय संकट से गुजर रहा है। अमेरिका के पिछले प्रतिबंधों से वेनेजुएला के तेल व्यापार में 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।

रायटर्स के मुताबिक नए प्रतिबंधों को अमेरिकी ट्रेज़री डिपार्टमेंट ने लागू किया था इसमें लीबिया और इटली की चार कंपनियां है और नौ जहाज का उन कंपनियों से नाता था जिन पर पहले से ही प्रतिबन्ध लागू थे।”

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिबन्ध वेनेजुएला की आर्थिक स्थिति को खराब कर देंगे। यूएन के विशेष दूत इदरीस जज़ाइरी ने दक्षिणी अमेरिकी देश में मानवीय संकट की तरफ सबका ध्यान आकर्षित किया है। मौजूदा समय में वेनेजुएला राजनीतिक और आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। यह हालात महंगाई में वृद्धि, ब्लैकआउट्स और पानी व दवाइयों की कमी के कारण बिगड़ते जा रहे हैं।

नेशनल असेंबली में विपक्षी नेता जुआन गाइडो ने खुद को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया था क्योंकि दक्षिणी अमेरिकी राष्ट्र में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा था। अमेरिका सहित कई पश्चिमी राष्ट्रों ने तत्काल जुआन गाइडो को समर्थन दे दिया था।

कई देशों ने मादुरो से सत्ता त्यागने और नए सिरे से चुनाव आयोजित करने की मांग की है। इसके बावजूद राष्ट्रपति अपनी कुर्सी का आनंद और सेना के समर्थन से काफी खुश है। जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस ने जुआन गाइडो को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में स्वीकार कर लिया था।

इसके आलावा रूस, चीन और अन्य देशों ने वेनेजुएला के आंतरिक मामले में अन्य देशों की दखलंदाज़ी करने की आलोचना की थी। चीन और रूस की सैन्य टुकड़ी अभी वेनुजुएला में मौजूद है और मास्को संकटग्रस्त राष्ट्र को खाद्य सामग्री भी मुहैया कर रहा है।

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