विश्व हिन्दू परिषद द्वारा निकाली जा रही ‘राम राज्य रथ यात्रा’ क्या है?

राम राज्य रथ यात्रा

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) द्वारा समर्थित राम राज्य रथ यात्रा को आज अयोध्या में झंडी दिखाकर विभिन्न राज्यों के लिए रवाना किया जाएगा। ये रथ यात्रा में सामान्य रूप से एक मिनी ट्रक है जो  बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बाद मे कर्नाटक होता हुआ अंतिम चरण में केरल से गुजरेगा। ये रथ उन राज्यों में जाएगा जहां पर विशेषतः आने वाले समय में चुनाव होने की संभावना है।

राम राज्य रथ यात्रा छह राज्यों के माध्यम से गुजरने के बाद 25 मार्च को तमिलनाडु के रामेश्वरम में 41 दिन और करीब 6000 किमी लंबी यात्रा समाप्त करेगा। ये रथ उन सभी राज्यों में गुजरेगा जहां पर चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य बीजेपी प्रतिनिधि भी इस यात्रा का स्वागत कर सकते है।

राम राज्य रथ यात्रा को विहिप के महामंत्री चंपत राय द्वारा अयोध्या के कारसेवकपुरम से झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। गौरतलब है कि  1990 के दशक में अयोध्या में “भव्य” राम मंदिर के निर्माण के लिए कारसेवकपुरम कार्यशाला का निर्माण किया गया था।

इस रथ यात्रा से पहले एक ऐसी ही यात्रा का नेतृत्व बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुजरात के सोमनाथ से अयोध्या के लिए 1990 में किया था। तब ये रथ यात्रा राम मंदिर आंदोलन के समर्थन के लिए निकाली गई थी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में अंतिम सुनवाई भी कर रही है। वहीं अब राम राज्य रथ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

एक रिपोर्ट की माने तो विहिप की यात्रा अयोध्या में राम मंदिर, “राम राज्य”, और स्कूल के पाठ्यक्रम में “रामायण” के शामिल किए जाने जैसे मुद्दों के लिए आम जनता से समर्थन मांगेगी। आयोजकों की माने तो उनक लक्ष्य अगले साल राम नवमी के अवसर पर भव्य राम मंदिर का निर्माण करना है।