बुधवार, दिसम्बर 11, 2019

योगी आदित्यनाथ की हेल्पलाइन पर सिर्फ 25 प्रतिशत शिकायतों का हुआ समाधान

Must Read

अमूल के विज्ञापन में प्याज पर कटाक्ष, लोगों ने ली चुटकी

अमूल के विज्ञापन अपनी प्रासंगिकता और रचनात्मकता के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी इसने प्याज की कीमतों...

डेटा संरक्षण विधेयक 2019 : केंद्र सरकार ने बताया, व्यक्ति की अनुमति बगैर डेटा नहीं लिया जा सकता

डेटा संरक्षण विधेयक 2019 को नए प्रावधानों के साथ पेश करते हुए केंद्र ने बुधवार को घोषणा की कि...

रूई का घरेलू उत्पादन बढ़ने से 22 फीसदी कम होगा आयात : कॉटन एसोसिएशन

देश में इस साल रूई (कॉटन) का उत्पादन पिछले साल से करीब 14 फीसदी ज्यादा रहने का अनुमान है।...
पंकज सिंह चौहान
पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

लखनऊ, 12 अगस्त (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सूचना हेल्पलाइन नंबर ‘1076’ के माध्यम से दर्ज कराई गईं शिकायतों के समाधान की एक खराब तस्वीर पेश की है। इसका खुलासा राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने किया। विभाग की एक रिपोर्ट से पता चला है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के जरिए दर्ज की गईं शिकायतों का केवल 25 प्रतिशत ही समाधान किया गया है।

जनता और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए, योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पांच जुलाई को बहुत ही धूमधाम के साथ हेल्पलाइन सेवा शुरू की थी, लेकिन चार अगस्त तक हेल्पलाइन के जरिए दर्ज कराई गईं शिकायतों में केवल एक-चौथाई शिकायतें ही हल हो पाई हैं।

हेल्पलाइन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, “समाधान की गईं अधिकतम शिकायतें गन्ना विकास, सामाजिक कल्याण और कृषि विभागों से संबंधित हैं। जिन विभागों में समाधान न होने वाले सबसे अधिक शिकायतें हैं, वे राजस्व, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, बुनियादी शिक्षा और पीडब्ल्यूडी हैं। हमें घर, राजस्व, खाद्य और नागरिक आपूर्ति और पंचायती राज विभागों के लिए अधिकतम शिकायतें मिली हैं।”

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी एक रपट के अनुसार, पांच जुलाई से हेल्पलाइन पर 55 विभागों के खिलाफ 2.51 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं और इनमें से केवल 64,800 शिकायतों का निवारण किया गया है। लगभग 63,448 शिकायतकर्ताओं ने इस उपाय को ‘संतोषजनक’ माना है।

यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रूस दौरे से वापस लौने के बाद उनके समक्ष पेश की जाएगी और शिकायतों के समाधान मे कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

अमूल के विज्ञापन में प्याज पर कटाक्ष, लोगों ने ली चुटकी

अमूल के विज्ञापन अपनी प्रासंगिकता और रचनात्मकता के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी इसने प्याज की कीमतों...

डेटा संरक्षण विधेयक 2019 : केंद्र सरकार ने बताया, व्यक्ति की अनुमति बगैर डेटा नहीं लिया जा सकता

डेटा संरक्षण विधेयक 2019 को नए प्रावधानों के साथ पेश करते हुए केंद्र ने बुधवार को घोषणा की कि मसौदा कानून भारतीयों के अधिकारों...

रूई का घरेलू उत्पादन बढ़ने से 22 फीसदी कम होगा आयात : कॉटन एसोसिएशन

देश में इस साल रूई (कॉटन) का उत्पादन पिछले साल से करीब 14 फीसदी ज्यादा रहने का अनुमान है। घरेलू उत्पादन ज्यादा होने के...

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में दुष्कर्म की शिकार नाबालिग को ‘उन्नाव जैसे हश्र’ की धमकी

उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र की सामूहिक दुष्कर्म की शिकार एक नाबालिग लड़की ने आरोपियों पर 'उन्नाव जैसा हश्र' करने...

मुंबई टी-20 : निर्णायक मैच में विंडीज ने टॉस जीत चुनी गेंदबाजी

यहां वानखेड़े स्टेडियम में जारी तीसरे और निर्णायक टी-20 मैच में वेस्टइंडीज ने बुधवार को भारत के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -