Wed. Nov 30th, 2022
    राजनाथ सिंह

    भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि “अगर कोई हमारे मुल्क को अस्थिर करने की कोशिश करेगा तो भारत को इसका प्रतिकार करना होगा। रफाल लडाकू विमान के बाबत बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि हम अपनी सेना, वायुसेना और नौसेना के लिए यह कर रहे हैं। काबिलियत में विस्तार करने का मकसद आत्मरक्षा है और इसका इरादा किसी पर हमला करना नहीं है। लेकिन अगर कोई भारत को अस्थिर करने की कोशिश करेगा तो हम उससे बदला लेंगे।”

    रक्षा मंत्री ने कहा कि “रफाल की मौजूदगी भारत की वायुसेना की काबिलियत में इजाफा करेगी। रफाल जंगी विमान को उड़ाने का अनुभव बेहद अच्छा था क्योंकि मैं एक सुपरसोनिक मिसाइल की गति से उड़ रहा है। मैं कह सकता हूँ कि हमारी वायुसेना की ताकत में वृद्धि होगी क्योंकि रफाल हवा से हवा, हवा से सतह को कवर करेंगे।”

    शुरूआती दिन में राजनाथ सिंह ने फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मानुएल मैक्रॉन से मुलाकात की थी और इसे फलदायी करार दिया था। रक्षा मंत्री ने कहा कि “फ्रांस के राष्ट्रपति से मुलाकात फलदायी है। मोदी जी ने मैक्रॉन से मुलाकात की थी और वह इसके बारे में मुझे कह रहे थे। मैं मोदीजी की तरफ से आभार लेकर आया था। राष्ट्रपति ने मुझसे कहा कि भारत के साथ रणनीतिक सम्बन्ध पुराने हैं और यह निरंतर बेहतर होते रहेंगे।”

    भारत को 36 फ्रेंच निर्मित फाइटर जेट को भारत के सुपुर्द कर दिया गया है। सिंह ने विमानों को सुपुर्द करने के अधिकारिक समारोह में शिरकत की थी। 36 रफाल जंगी विमानों के समझौते की कीमत 60000 करोड़ करते हैं और इसमें वायुसेना के एयर चीफ मार्शल राकेश भादुरिया ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।

    इया समारोह का आयोजन आईएएफ के साथ मिलकर किया गया था। विजयादशमी के अवसर पर राजनाथ सिंह ने शस्त्र पूजा की थी। उन्हें आज फ्रेंच पोर्ट सिटी में 36 रफाल विमानों का जखीरा सौंपा गया था। इंटर गवर्मेंटल अग्रीमेंट पर भारत सरकार और फ्रांस की सरकार ने 23 सितम्बर को दस्तखत किये थे।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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