Fri. Mar 1st, 2024
    भारती एयरटेल गैस सब्सिडी मामला

    हाल ही में भारती एयरटेल और एयरटेल पेमेंट बैंक एक विवाद में फंस गए थे जिसमे कंपनी पर आरोप लगा था कि उन्होंने करीबन 31 लाख एयरटेल ग्राहकों की एलपीजी गैस सब्सिडी को ग्राहकों से बिना पूछे उनके एयरटेल पेमेंट बैंक के खाते में डाल दिए थे। अब हालाँकि सूत्रों से पता चला है कि कंपनी ग्राहकों के कुल 190 करोड़ रूपए लौटाने को राजी हो गयी है।

    एयरटेल नें आज राष्ट्रिय भुगतान केंद्र यानी एनपीसीआई को लिखकर कहा है कि वे सभी ग्राहकों के पैसे उनके निजी खाते में वापस डाल देंगे। आपको बता दें कि कुल राशी 167 करोड़ निर्धारित की गयी थी, लेकिन इसपर ब्याज लगाकर यह अब 190 करोड़ हो गयी है। एनपीसीआई पुरे देश के लिए एक ऐसी संस्था है जो सभी तरह के खुदरा भुगतान के लिए जिम्मेदार होती है।

    क्या है पूरा मामला?

    दरअसल हाल ही में यह मामला सामने आया था कि एयरटेल नें अपने करोड़ों ग्राहकों के एयरटेल पेमेंट बैंक में खाते खोल दिए हैं और उन ग्राहकों को इसकी खबर भी नहीं है। इसके बाद यह सुचना सामने आई कि उन ग्राहकों कें करोड़ों रूपए की गैस सब्सिडी को उनसे बिना पूछे उनके एयरटेल पेमेंट खाते में डाल दिए हैं।

    आपको बता दें कि एलपीजी गैस खरीदने पर सरकार हर महीनें ग्राहकों को कुछ सब्सिडी देती है जो उनके निजी खातों में सीधे जमा की जाती है। इस बार हालाँकि एयरटेल पेमेंट बैंक नें एयरटेल ग्राहकों की सब्सिडी को उन्हें बिना बताये उनके खाते में डाल दिया।

    जैसे ही यह मामला रोशनी में आया, लोगों नें एयरटेल के खिलाफ मुकदमा जारी कर दिया। इसपर सरकार नें तुरंत कार्यवाई की और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (युआईडीएआई) नें एयरटेल पर यह प्रतिबन्ध लगा दिया कि वे कुछ समय के लिए ग्राहकों के आधार से सिम को नहीं जांच पाएंगे।

    एयरटेल के ‘आधार लाइसेंस’ को रद्द करते हुए युआईडीऐआई ने भारती एयरटेल और एयरटेल पेमेंट बैंक के ऑडिट करने के आदेश दिए थे जिससे यह पता लगाया जा सके कि कंपनी कानून के हिसाब से व्यापार कर रही है या नहीं।

    गैस सब्सिडी एयरटेल पेमेंट बैंक में जमा करने की खबर जैसी ही गैस कंपनियों को पता चली तो उन्होंने तुरंत ही सुनील मित्तल (भारती एयरटेल के मालिक) को लिखकर यह कहा कि वे जल्द से जल्द ग्राहकों के पैसे लौटायें। हिंदुस्तान पेट्रोलियम नें इस मामले में एयरटेल को कहा कि वे या तो इस सब्सिडी को ग्राहकों के निजी खाते में डालें या फिर इसे वापस गैस कंपनियों को लौटा दें।

    इस बारे में एक सरकारी अधिकारी ने बताया, “सरकार नें इस पुरे मामले की गहनता से जांच की है और एयरटेल पर दबाव बनाया गया है कि वे जल्द से जल्द ग्राहकों के पैसे लोटायें।”

     

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।