भारती एयरटेल का अफ्रीका में विस्तार, रवांडा की कंपनी मिलीकॉम का किया अधिग्रहण

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भारती एयरटेल ने किया रवांडा की कंपनी मिलीकॉम यानि टिगो का अधिग्रहण
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भारतीय दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल नें हाल ही में अफ्रीका के रवांडा में अपने कारोबार को बढाते हुए मिलिकॉम नामक कंपनी का अधिग्रहण किया है। मिलिकॉम कंपनी टिगो मिलिकॉम के नाम से कारोबार करती है और एयरटेल नें इसका 100 फीसदी व्यापार खरीदने का फैसला किया है।

आप को बता दें कि इस समय भारती एयरटेल का कारोबार करीबन 17 देशों में चल रहा है। पिछले कुछ सालों में अफ्रीका में एयरटेल ने अपने बाजार ढांचे को मजबूत करने के लिए कुछ सक्रिय कदम उठाए हैं। इसके अलावा एयरटेल कई एशियाई देशों में सफलतापूर्वक कारोबार कर रहा है।

भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल के अनुसार, एयरटेल और टिगो बीच हुए इस सौदे के चलते टिगो के 37 करोड़ उपभोक्ता रवांडा में एयरटेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अधिग्रहण के साथ एयरटेल रवांडा में दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बन जाएगी। यही नहीं एयरटेल का राजस्व भी आठ करोड़ डॉलर से ज्यादा बढ़ जाएगा।

भारती एयरटेल ने किया इन विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण

भारत में टेलिकॉम कंपनियों के अधिग्रहण के साथ महाद्वीप में भी भारती एयरटेल अपनी दावेदारी मजबूत करता जा रहा है। आप को बता दें कि एयरटेल युगांडा में वारिड और कांगो बी में वारिड, केन्या में यू मोबाइल और घाना में मिलिकॉम का अधिग्रहण कर चुकी है।
ईटी को दिए एक इंटरव्यू में सुनील मित्तल ने कहा कि एयरटेल केन्या, रवांडा और तंजानिया जैसे देशों में टेलिकॉम कंपनियों के विलय अथवा अधिग्रहण पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।

यही नहीं कंपनी 2018 में अफ्रीका के सभी 15 नेटवर्क संचालन में अपना मजबूत योगदान देगी। मित्तल ने कहा कि भारती एयरटेल नेटवर्क से टिगो के कुल 370 मिलियन कस्टमर्स जुड़ जाएंगे। एयरटेल अफ्रीका के एमडी और सीईओ रघुनाथ मांडवा के मुताबिक मिलीकॉम के अधिग्रहण से रवांडा के मार्केट में भारती एयरटेल अपनी परिचालन क्षमता आसानी से बढ़ा लेगी। जिससे अफ्रीका के बाजार में एयरटेल की स्थिति ज्यादा मजबूत हो जाएगी।

सितंबर के अंतिम तिमाही में एयरटेल अफ्रीका ने अपने राजस्व में 2.8 फीसदी के साथ 782 मिलियन डॉलर का राजस्व अर्जित किया है। कंपनी ने पिछले साल की पहली तिमाही में ही 91 मिलियन डॉलर के बदले 48 मिलियन डॉलर का शुद्ध कमाई की थी। सिंतबर के अंत में कंपनी पर कुल कर्ज 91,480 करोड़ रुपये का कर्ज था।

भारत में भारती एयरटेल की स्थिति

ईटी को दिए एक साक्षात्कार में मित्तल ने कहा कि टेलिकॉम सेक्टर में तेजी से हुए एकीकरण के बाद भारतीय एयरटेल को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि जियो की ओर से फ्री सर्विसेज में तेजी के बावजूद भी वोडाफोन भारत-आइडिया सेलुलर गठबंधन को पछाड़ते हुए भारती एयरटेल मार्च 2019 तक राजस्व बाजार हिस्सेदारी मेें नंबर वन स्लॉट पर ​काबिज हो सकती है।

भारती एयरटेल के चैयरमैन मित्तल ने आगे कहा कि उनकी कंपनी एयरसेल को अधिग्रहित करने के लिए बातचीत के दौर मेंं है, जिसका अभी हाल में ही रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के साथ विलय हुआ था। उन्होंने कहा, एयरसेल के अलावा यदि और भी टेलिकॉम आॅपरेटर्स के साथ विलय की संभावना बनती हैं, तो इसमें कोई शक नहीं कि हम भी इस बातचीत का हिस्सा होंगे। आप को जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल एक व्यापारिक समझौते के तहत एयरटेल ने 3500 करोड़ रूपए में एयरसेल से 2300 मेगाहट्र्ज बैंड के 4जी टॉवर के आठ सर्किल खरीदे थे।