रविवार, दिसम्बर 8, 2019

गैर-तेल क्षेत्र की कंपनियों के लिए भी खुला पेट्रोल, डीजल की बिक्री का द्वार

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नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री के नियमों को सरल बनाते हुए बुधवार को सभी कंपनियों (गैर-तेल क्षेत्र की कंपनियों) को इस क्षेत्र में शामिल करने का फैसला लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने पेट्रोल व डीजल बेचने के लिए सभी कंपनियों को अधिकृत करने के दिशा निर्देशों में बदलाव को मंजूरी प्रदान की।

अब तक सिर्फ उन्हीं कंपनियों को पेट्रोल और डीजल बेचने की अनुमति दी जिनका हाइड्रोकार्बन के कारोबार का अनुभव है और भारत के तेल व गैस क्षेत्र में उनका 2,000 करोड़ रुपये का निवेश है।

मगर इस बाधा को दूर करते हुए सरकार ने इस क्षेत्र में आने वाली निजी कंपनियों के लिए मार्ग सरल बना दिया है। अब 250 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली कंपनियों को भी तेल बेचने का अधिकार मिलेगा।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि परिवहन ईंधनों के विपणन के लिए अधिकृत करने के लिए मौजूदा नीति में 2002 से लेकर पिछले 17 वर्षों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

बयान के अनुसार, बाजार के बदलते परिदृश्य और इस क्षेत्र से जुड़ी विदेशी कंपनियों सहित निजी कंपनियों से निवेश को बढ़ावा देने की दृष्टि से इसे अब संशोधित किया गया है। नई नीति से परिवहन नीति से जुड़े दिशानिर्देशों के जरिये कारोबारी सुगमता को बल मिलेगा।

इससे इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और अधिक संख्या में खुदरा बिक्री केन्द्र स्थापित होने से उपभोक्ताओं को बेहतर प्रतिस्पर्धा तथा बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।

बयान के अनुसार, अधिकृत कंपनियों के लिए अधिकार प्राप्ति के पांच वर्ष के भीतर अधिसूचित दूरस्थ क्षेत्रों में कुल खुदरा बिक्री केंद्रों का न्यूनतम 5 प्रतिशत केंद्र स्थापित करना जरूरी होगा। इस बाध्यता की निगरानी के लिए कारगर निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है।

–आईएएनएस

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