Sat. Apr 20th, 2024
    एयरटेल

    भारती एयरटेल ने टाटा टेलीसर्विसेज को अपने कम्पनी में मर्ज करने की घोषणा कर दी है। इस बात की जानकारी भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज दोनों ने जॉइंट रूप से दी है। टाटा डोकोमो के अब 4 करोड़ ग्राहक अब एयरटेल में अधिग्रहित हो जायेंगे।

    कुछ समय पहले रिपोर्ट आयी थी कि टाटा अपनी इस टेलीकॉम कम्पनी को बंद करने के फ़िराक में है। कम्पनी ने इसके लिए सरकार(डीओटी) को आधिकारिक रूप से जानकारी दे चुकी है। इस बिज़नेस में जितने भी अधिग्रहण किये जाएंगे वह भारती एयरटेल की तरफ से किये जाएंगे। टाटा टेलीकॉम के सभी 19 सर्किल अधिग्रहण के बाद भारती एयरटेल के हो जाएंगे।

    इस अधिग्रहण के दौरान टाटा सीएमबी के सभी एस्सेट और ग्राहक एयरटेल के हो जायेंगे। इसके अलावा मुख्य फायदा एयरटेल को स्पेक्ट्रम का होगा अभी जो फिलहाल स्पेक्ट्रम है उसमे टाटा डोकोमो के स्पेक्ट्रम भी जुड़ जायेंगे। अब भारती एयरटेल के कुल 178.5 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम हो जायेंगे।

     

    भारती एयरटेल ने जो टाटा को मर्ज किया है वो कर्ज मुक्त और कैश मुक्त है। इसमें भारती को टाटा स्पेक्ट्रम को दिए हुए पैसों का एक छोटा हिस्सा सरकार को जमा करवाना पड़ेगा। इस करार के अनुसार भारती टाटा के कस्टमर को बेहतरीन क्वालिटी की सर्विस दी जायेगी। एयरटेल यह सुनिश्चित करेगा कि टाटा के कस्टमर को एक्स्ट्रा सर्विस भी मिले जिसमे बेहतरीन वॉइस सर्विस और डेटा मिले।

     

     

    टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का इस अधिग्रहण पर बयान आया है कि आज किया गया करार टाटा ग्रुप और कम्पनी के शेयर होल्डर के लिए सबसे अच्छा रास्ता है। जो कस्टमर और वर्कर्स हमारे साथ लम्बे वक़्त से साथ है उनको एक नया घर देना हमारी प्रमुखता है। हमने कई दूसरे ऑप्शन भी देखने की सोची थी परन्तु अब भारती के साथ करार कर ख़ुशी मिली है।

    भारती एयरटेल के चैयरमेन सुनील मित्तल ने जॉइंट स्टेटमेंट देते हुए कहा कि यह टेलीकॉम में आने वाली क्रांति के लिए एक बड़ा कदम है। इससे भारत को हम डिजिटल क्रांति के तहत वर्ल्ड क्लास सर्विसेज देंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस अधिग्रहण के तहत जल्द ही इसे फाइनल करने की कोशिश करेंगे। इस डील के फाइनल होने से ग्राहकों और नेटवर्क दोनों में बिना रुकावट के मर्जर होगा। आगे उन्होंने कहा कि इसमें टाटा के कुछ सर्किल में नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एयरटेल काम करेगी।

     

    भारती के सुनील मित्तल

     

    करार के बारे में बात करे तो भारती ने टाटा के साथ यह करार किया है जिसमे भारती ने टाटा के 10000 करोड़ के स्पेक्ट्रम की देनदारी में भी हिस्सेदारी होगी। टाटा टेलीसर्विसेज जो स्पेक्ट्रम बेचने जा रही है वो 3जी और 4जी के है, और ये स्पेक्ट्रम टाटा के पास 19 सर्कल्स में है।

    रिपोर्ट की माने तो टाटा डोकोमो पर करीब 34000 करोड़ का क़र्ज़ हो गया था। जिसे क़र्ज़ मांगने वाली कम्पनियां लेने के लिए दबाव बना रही थी, इसी कारण टाटा ने अपनी इस कम्पनी को बंद करने का निर्णय लिया है।

     

    इन मर्जर से होगी कस्टमर को दिक्कत

    भारत में जिओ के आने के बाद दूसरी टेलीकॉम कम्पनियों की हालत बिल्कु ख़राब है, जिससे वे मर्जर का सहारा ले रही है जिससे मार्किट में बहुत काम कम्पनियां बचेगी जिससे कस्टमर के पास ऑप्शन काम होंगे और फिर कम्पनियां अपने तरीको से अपनी टैरिफ को बढ़ा सकेगी, कम कॉम्पिटिशन होने के कारण कम्पनियों में रेट को लेकर कोई दिक्कत नहीं होने वाली जिससे ये सब ग्राहकों पर एक्स्ट्रा रेट थोप सकेंगी। हाल ही में वोडाफोन और आईडिया का अधिग्रहण हुआ है, एयरटेल और डोकोमो के मर्जर से पहले एयरटेल और टेलीनॉर का अधिग्रहण हो चूका है। इन सब अधिग्रहणों के बाद बाजार में चंद कंपनियां ही बची है।