अमेरिका के विमान वाहक परमाणु खतरा बढ़ा रहे हैः उत्तर कोरिया

उत्तर कोरिया अमेरिका

अमेरिकाउत्तर कोरिया के बीच तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है। उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण कार्यक्रम व बैलेस्टिक मिसाइलों के निर्माण के मद्देनजर उस पर दबाव बनाने के लिए दक्षिण कोरिया व अमेरिका संयुक्त नौसेना अभ्यास कर रहे है।

ये अभ्यास जो दक्षिणी पूर्वी तट पर पहले ही शुरू हो चुका है। जिसके बाद उत्तर कोरिया की चिंता बढ़ गई है। उत्तर कोरिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी विमान वाहकों की तैनाती से परमाणु हमले का खतरा बढ़ सकता है।

दरअसल अमेरिका ने यूएसएस रोनाल्ड रीगन, थियोडोर रूजवेल्ट और निमित्ज़ के वाहक युद्ध समूहों को दक्षिण पूर्वी तट के पास दक्षिण कोरिया के साथ अभ्यास में तैनात किया है। इसके अलावा 11 यूएस एगिस जहाज भी शामिल है जो कि मिसाइलों को ट्रैक करने की क्षमता रखते है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को लिखा पत्र

इस बारे में संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के राजदूत जा सोंग नाम ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखा है। पत्र मे कहा है कि “कोरियाई प्रायद्वीप के पास अमेरिका ने तीन यूएस विमान वाहकों की तैनाती कर रखी है। वहीं कहा कि अमेरिका व दक्षिण कोरिया समुद्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे है। जिस वजह से कोरियाई प्रायद्वीप व आसपास के इलाकों में गंभीर स्थिति बन चुकी है।“

इसके अलावा कहा कि अमेरिका ने परमाणु सक्षम बी-52 रणनीतिक हमलावरों के साथ चौबीस घंटे फिर से सक्रिय कर दिए है जो कि शीत युद्ध के समय में मौजूद थे। जिससे उत्तर कोरिया पर संकट मंडरा रहा है।

आगे कहा कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया को हमारे खिलाफ भड़काकर बड़े पैमाने पर संयुक्त नौसेना युद्ध अभ्यास कर रहा है। लेकिन इस स्थिति को देखकर हमें लग रहा है कि हम बिल्कुल सही दिशा में जा रहे है और हमने परमाणु हथियारों का सही विकल्प चुना है।

उत्तर कोरिया व अमेरिका के बीच तनाव जारी

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया का कहना है कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों को शुरू किया है जो कि अमेरिका की मुख्य भूमि पर हमला करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा उत्तर कोरिया ने प्रशांत महासागर के ऊपर एक अन्य परमाणु बम विस्फोट करने की भी धमकी दी है।

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया तानाशाह किम जोंग अमेरिका को कई बार परमाणु हमले करने की धमकी दे चुका है। जिसके बाद हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एशियाई देशों का दौरा भी किया है।

इस दौरान ट्रम्प ने उत्तर कोरिया पर वैश्विक रूप से दबाव बनाने की अपील की थी। उत्तर कोरिया से जारी तनाव के बाद ही अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है।