अफगानिस्तान जंग: तालिबान हमले में चार लोगों की हुई मौत

अफगानिस्तान में तैनात सैनिक

अफगानिस्तान में तालिबान और सरकार के सैन्य बालों के मध्य जंग का अंत होने की संभावनाएं ही धूमिल होती जा रही है। अफगानिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी हेरात प्रांत में तालिबान ने एक पुलिस चेकपॉइंट पर हमला किया था। इस हमले में एक पुलिस कर्मी और तीन आम नागरिकों की मौत हो गयी है।

पुलिस प्रवक्ता अब्दुल अहद वालिज़दा ने कहा कि मंगलवार को गतिरोध में छह हम्वारों को मार गिराया था। तालिबान चरमपंथी समूह का देश के आधे हिस्से पर कब्ज़ा है और रोजाना सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर हमला करता है। पूर्वी नंगरहार प्रांत में स्थानीय टीवी स्टेशन के निदेशक का अपहरण कर लिया गया था।

राज्यापाल के प्रवक्ता अत्ताहुल्लाह खोगयानी ने कहा कि टीवी के निदेशक का मंगलवार को अपहरण कर लिया गया था और उसके ड्राईवर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी किसी आतंकी समूह ने नहीं ली है।

इस्लामिक स्टेट और तालिबान दोनों आतंकी समूह नंगरहार उलाके में सक्रिय रहते हैं। हाल ही में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक आत्मघाती हमलावर ने इस्लामिक जानकारों की एक सभा को निशाना बनाया था। इस हमले में 50 नागरिकों की मौत हो गयी है। इस दिन दुनिया भर के मुस्लिम पैगम्बर मोहम्मद की सालगिरह मनाते हैं। जन स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता वाहिद मज्रोह ने कहा कि इस हमले में 80 नागरिक घायल हुए हैं, 20 लोगों की हालत नाजुक है।

हाल ही में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि कंधार में हुए आतंकी हमले की योजना पाकिस्तान में बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि यह सारी साजिश पाकिस्तान में रची गयी थी। इस्लामाबाद ने राष्ट्रपति गनी के बयान को बेबुनियाद बताया और कहा कि अशरफ गनी ने पाकिस्तान पर गलत आरोप लगाये हैं।

भारत और अफगानिस्तान ने हाल ही में पाकिस्तान पर आतंकिवादियों के पनाहगार होने का आरोप लगाया था। भारत के साथ पाकिस्तान के सम्बन्ध शुरुआत से ही ख़राब रहे हैं लेकिन अफगानिस्तान के आरोपों के बाद के दोनों राष्ट्रों के मध्य कटुता इस कदर बढ़ गयी है कि हर आतंकी हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए मान लिए जाते हैं।

इस कड़वाहट के कारण अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते बिगड़ते जा रहे हैं। व्यापार और वाणिज्य समझौते इस द्वन्द के कारण कमजोर पड़ रहे हैं।

अशरफ गनी ने आरोप लगाया कि तालिबान का मुख्यालय पाकिस्तान से संचालित होता है। हाल ही ईरान ने भी पाकिस्तान की सरजमी को आतंवादियों का स्वर्ग बताया था। पाकिस्तान से सटे ईरान के बॉर्डर पर आतंकियों के हमला कर 10 ईरानी सैनिकों को अगवा कर लिया था।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here